सरताज ने लगाई करोड़ों की चपत एसआईटी के पास पहुँची शिकायत, जाँच शुरू - Jai Bharat Express

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सरताज ने लगाई करोड़ों की चपत एसआईटी के पास पहुँची शिकायत, जाँच शुरू


अंजुमन ट्रस्ट को हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के पुत्र सरताज ने लगाई करोड़ों की चपत एसआईटी के पास पहुँची शिकायत, जाँच शुरू


जबलपुर |ओमती पुलिस द्वारा हत्या के प्रयास एंव देशी-विदेशी हथियार रखने के मामलों में गिरफ्तार किए गये हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक एंव उनके परिवार से जुड़े रोज नये-नये खुलाशे हो रहे हैं। एसआईटी को जाँच में अंजुमन ट्रस्ट की जमीन पर नियम के विरुद्ध मार्केट बनाकर करोड़ों की चपत लगाए जाने की शिकायत सौंपी गई है। शिकायत में तत्कालीन ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा सरताज से मनमाने तरीके से अनुबंध कर ट्रस्ट को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया गया है।

नियम विरुद्ध तरीके से ट्रस्ट की जमीन पर  बनाया मार्केट।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी को ट्रस्ट में हुई गड़बड़ियों की जो शिकायत सौंपी गई है उसमें यह आरोप लगाया गया है। कि गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद अंजुमन ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष के द्वारा सरताज से वर्ष 2007 में नियम विरुद्ध तरीके से ट्रस्ट की जमीन पर मार्केट बनाने का अनुबंध किया गया था, मनमानीपूर्वक किए गये इस कृत्य से ट्रस्ट को कई करोड़ों रूपये का नुकसान हुआ है। उस दौरान हुए तीन अनुबंधों में से दो अनुबंध हाल ही में निरस्त किए जा चुके हैं। शिकायत में रज्जाक एवं सरताज के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की उच्च एजेंसियों से जाँच कराए जाने की माँग की गई है। इस शिकायत को भी एसआईटी ने जाँच में लिया है।

120 दुकानों पर कब्जा किया ट्रस्ट को नहीं सौंपा।

अंजुमन ट्रस्ट के मामले में एसआईटी को सौंपी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट की जमीन पर जो मार्केट तैयार करवाया गया था उस मार्केट की करीब 120 दुकानों को ट्रस्ट को नहीं सौंपा गया है। इन दुकानों पर सरताज का कब्जा है। इन दुकानों को सरताज के कब्जे से मुक्त कराकर ट्रस्ट को सौंपे जाने की कार्रवाई कराए जाने की माँग की गई है।


खातों से करोड़ों का लेन-देन होने का पता चला है। 

जाँच टीम के अनुसार रज्जाक और उसके परिवार से जुड़े सदस्यों के कुछ और बैंक खातों की जानकारी एसआईटी को लगी है। इन खातों से करोड़ों का लेन-देन होने का पता चला है। एसआईटी द्वारा इन खातों से जुड़ी जानकारियाँ बैंक से माँगी गई हैं।