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अब शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं होंगे,ट्रांसफर के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस में करना होगा आवेदन, लोक शिक्षण संचनालय ने जारी किए निर्देश,पढिए यह खबर

मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के ट्रांसफर पॉलिसी में नया बदलाव हुआ है. बता दें कि अब शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं होंगे. इसके लिए गाइडलाइन जारी किए गए हैं।




प्रदेश में नई स्थानांतरण नीति को लेकर काफी लंबे समय से चर्चा चल रही थी. इसे बनाने के लिए अधिकारियों को टास्क भी दिया गया था. लेकिन, किसी न किसी कारण से इसमें देरी हो रही थी। 


MP -भोपाल |मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के स्थानांतरण प्रक्रिया में बदलाव किया गया है.आपको बता दें कि अब शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं होंगे. ट्रांसफर के लिए अब जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस में आवेदन करना होगा. लोक शिक्षण संचनालय ने जारी किए निर्देश.एक जिले से दूसरे जिले या एक संभाग से दूसरे संभाग में ट्रांसफर विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद किया जाएगा. बता दें कि अब तक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए जा रहे थे।


नए आदेश में कही गई ये बात



नए आदेश में कहा गया है कि, सभी आवेदन जिला शिक्षा कार्यालय में जमा किए जाएंगे. सीधे संचनालय स्तर पर कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा. जिला स्तर पर पहले खाली पद की जांच होगी फिर संचालनालय को भेजा जाएगा. सीएम राइज,उत्कृष्ट,मॉडल स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों का ट्रांसफर उसी श्रेणी की शालाओं में होगा. बता दें कि प्रदेश में नई स्थानांतरण नीति को लेकर काफी लंबे समय से चर्चा चल रही थी. इसे बनाने के लिए अधिकारियों को टास्क भी दिया गया था. लेकिन, किसी न किसी कारण से इसमें देरी हो रही थी।

 

मध्य प्रदेश में बच्चों को नहीं मिलेगा होमवर्क


मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है,सरकार ने अब उनके लिए होमवर्क की सीमा तय कर दी है। इसके अनुसार उन्हे तय सीमा से अधिक होमवर्क नहीं दिया जा सकता. विभाग द्वारा ये फैसला बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए लिया गया है. इस संबंध में विभाग द्वारा सभी स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है. इसमें कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक के बच्चों के लिए होमवर्क पॉलिसी दी गई है. जारी आदेश के अनुसार, सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों के लिए 1 से 3 घंटे तक की साप्ताहिक और दिन के हिसाब के घंटे तय किए गए हैं. ये आदेश विभाग ने स्कूल बैग पॉलिसी के आधार पर दिया है।