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VIDEO: कभी देखी है ऐसी विदाई,हत्या लूट के मामले की तफ़तीश कर पुलिस की नौकरी के बाद सेवानिवृत्त हुये 10 डॉग्स को मध्य प्रदेश पुलिस से इस शान से दी विदाई।

10 डॉग्स की सेवानिवृत्ति का कार्यक्रम भोपाल पुलिस ने आयोजित किया. बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से पहली बार ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया है।




इन डॉग्स की मदद से पुलिस ने हत्या, लूट, डकैती और नारकोटिक्स जैसे गंभीर मामलों का खुलासा किया है।


MP -भोपाल | पुलिस फोर्स में डॉग्स की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. साथ ही पुलिस के साथ काम करने की एक समय अवधि भी होती है. बड़ी-बड़ी वारदातों की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के लिए काफी मददगार साबित होने वाले ऐसे ही 10 डॉग्स की सेवानिवृत्ति का कार्यक्रम भोपाल पुलिस ने आयोजित किया. बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से पहली बार ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया है.  23वीं वाहिनी में पुलिस के 10 डॉग्स की सेवानिवृत्ति का अनूठा और रोचक आयोजन किया गया जिसमें पुलिस के आला अधिकारी भी शामिल हुए. रिटायर होने वाले डॉग्स में 5 ट्रैकर और 5 स्नाइपर शामिल हैं।

इन डॉग्स की मदद से पुलिस ने हत्या, लूट, डकैती और नारकोटिक्स जैसे गंभीर मामलों का खुलासा किया है. पुलिस के लिए बतौर स्नाइफर डॉग मधु ने 13 साल तक सेवाएं दी, वहीं 12 साल से अधिक पुलिस के लिए ट्रैकर के तौर पर काम करने वाले तीन डॉग्स हैं. इनमें सबसे ज्यादा शीला ने 9 बड़े मामलों का खुलासा किया, जिसमें हत्या जैसे मामले भी शामिल हैं।


अधिकारियों ने माला पहनाकर किया सम्मानित


वहीं डॉबरमेन प्रजाति की ट्रैकर डॉग उषा की तैनाती बड़वानी और राजगढ़ में रह.  उषा ने 12 साल 8 महीने पुलिस के लिए अपनी सेवाएं दी. नकबजनी के मामले में उषा ने कई संदिग्धों के बीच में मुख्य आरोपी को पहचान लिया था, जिसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया. इसी तरह ट्रैकर डॉग कमांडो ने 10 साल से अधिक पुलिस के लिए जबलपुर में काम किया हत्या और अपराधिक साजिश के मामलों में कमांडो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई


एक मामले में परफ्यूम की महक से पुलिस को मुख्य आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली. इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशेष सशस्त्र बल साजिद फरीद सापो थे। उनके साथ डीआइजी (सेंट्रल जोन) नवनीत भसीन, कमांडेंट 13वीं बटालियन आदित्य प्रताप सिंह और कमांडेंट 25वीं बटालियन निशाल झारिया भी थे। अधिकारियों ने कुत्तों की मेहनत और वफादारी की सराहना करते हुए कहा कि कुत्तों की मदद के बिना कई मामलों को सुलझाना बहुत मुश्किल होता है।