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आर्थिक आंकड़ों के पीछे छिपा असंतुलन: रूस में आम आदमी की साँसें टूटीं


"मंदी करीब है", इकोनॉमी मिनिस्टर का यह बयान जितना सीधा है, उतना ही भयावह संकेत दे रहा है।
रूस में ब्याज दरें 20% तक हैं—जो वैश्विक मानकों में अत्यधिक हैं। यूक्रेन युद्ध में फंसे देश की सरकार बजट का बड़ा हिस्सा हथियारों और रक्षा में खर्च कर रही है, जबकि आम लोग सब्जी और मक्खन खरीदने में जूझ रहे हैं।
एक ओर सरकार राष्ट्रीय गर्व और संप्रभुता की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर आंकड़े बताते हैं कि 2023 में तेल से आय में 20% से ज्यादा की गिरावट आई।
यह पूरी संरचना दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था न सिर्फ मंदी की ओर, बल्कि सामाजिक असंतुलन की खाई की ओर बढ़ रही है—जिसे केवल युद्ध नहीं, बल्कि निर्णयों की एक लंबी श्रृंखला ने गढ़ा है।