ईरान की तरफ से पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया है कि अमेरिकी हमलों में उसके परमाणु केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। यह स्वीकारोक्ति न सिर्फ ईरान की रणनीतिक कमजोरी को दर्शाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उसकी स्थिति को भी कमजोर कर सकती है।
राष्ट्रपति ट्रम्प के अनुसार, यह हमला जरूरी था ताकि परमाणु शस्त्रों की होड़ रोकी जा सके।
दूसरी ओर, ईरान ने 'विक्ट्री सेलिब्रेशन' आयोजित कर यह दिखाया कि वह झुका नहीं है।
इस संघर्ष के नतीजे अब UN, IAEA और अन्य वैश्विक मंचों पर गूंज सकते हैं।