सागर जिले के चर्चित ‘घरौंदा आश्रम’ के खिलाफ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कठोर कार्रवाई की सिफारिश की है।
जांच में सामने आया कि दिव्यांग बच्चों और बुजुर्गों को जबरन भीख मंगवाने के लिए भेजा जाता था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आश्रम में काम करने वाले बच्चों से बाल मजदूरी करवाई जाती है, और कई बार मृत्यु के बाद बिना किसी प्रशासनिक प्रक्रिया के देहदान किया गया।
यह स्पष्ट तौर पर किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन है। आयोग ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
एनजीओ द्वारा संचालित यह आश्रम अब मानव तस्करी के संदेह के घेरे में भी है।