पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीपक धानुक निवासी बाजपेयी कंपाउंड, सदर पेंटीनाका (थाना कैंट) को हिरासत में लिया। आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर व्हाट्सएप चैट में ग्राहकों को भेजी गई कई लड़कियों की तस्वीरें और सौदेबाजी के सबूत मिले।
MP- जबलपुर। काम की तलाश में दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाली मजबूर महिलाओं को झांसे में लेकर अवैध देह व्यापार के गंदे धंधे में धकेलने वाले गिरोह पर महिला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिम बंगाल की पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
दिल्ली से काम दिलाने के बहाने बुलाया जबलपुर
पीड़िता (39 वर्ष), जो मूलतः पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना (गांगुली/गाईघाटा थाना क्षेत्र) की रहने वाली है और दिल्ली में घरेलू काम करती थी, को दीपक नामक व्यक्ति ने फोन कर जबलपुर में अच्छे काम का लालच दिया। 11 जुलाई को जबलपुर पहुंचने पर दीपक ने उसे गोरखपुर के एक होटल में ठहराया।
अगली ही सुबह आरोपी ने महिला को ग्राहक के पास जाने और गलत काम करने को कहा। जब पीड़िता ने इनकार किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और जबरन इस दलदल में धकेल दिया। आरोपी ग्राहकों से ₹2,000 वसूलते थे, जिसमें से होटल को ₹500 और पीड़िता को नाममात्र ₹500 देकर बाकी का बड़ा हिस्सा खुद आपस में बांट लेते थे।
डर और मजबूरी का उठाया फायदा
पीड़िता के पास पैसे न होने के कारण वह वापस अपने घर नहीं लौट पा रही थी। आरोपी उसे अलग-अलग होटलों में शिफ्ट कर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। जब महिला ने विरोध किया, तो अरविंद, रोशनी पटेल और शिव चौधरी नामक अन्य आरोपियों ने भी उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकियां दीं।
व्हाट्सएप चैट से खुली व्हाट्सएप सप्लाई की पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनिवाल के मार्गदर्शन एवं महिला थाना प्रभारी श्रीमती मंजू शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीपक धानुक (29 वर्ष), निवासी बाजपेयी कंपाउंड, सदर पेंटीनाका (थाना कैंट) को हिरासत में लिया। आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर व्हाट्सएप चैट में ग्राहकों को भेजी गई कई लड़कियों की तस्वीरें और सौदेबाजी के सबूत मिले।
पुलिस कार्रवाई और धाराएं
महिला थाना में अपराध क्रमांक 40/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2), 3(5), 296(इ), 351(2) एवं अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 3, 4, 5, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी दीपक धानुक को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों अरविंद उर्फ प्रियांशु, रोशनी पटेल और शिवकुमार उर्फ आकाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जबलपुर में तेजी से पांव पसारता 'जिस्मफरोशी का नेटवर्क', काम के लालच से लेकर होटलों के कमरों तक की खौफनाक सच्चाई
संस्कारधानी जबलपुर: शांति और संस्कृति के नाम से जानी जाने वाली संस्कारधानी में पिछले कुछ समय से 'सेक्स रैकेट गिरोह' का जाल तेजी से फैलता दिख रहा है। काम की तलाश में भटकती मजबूर महिलाओं को निशाना बनाने से लेकर शहर के नामी और गुमनाम होटलों को सुरक्षित ठिकाना बनाने तक, इस अवैध कारोबार की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।
कैसे काम करता है यह पूरा नेटवर्क?
दूसरे राज्यों और जिलों की महिलाओं पर नजर: गिरोह का मुख्य टारगेट बाहरी राज्यों (जैसे पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली) या मध्य प्रदेश के छोटे जिलों से आई महिलाएं होती हैं। इन्हें घरेलू काम, ब्यूटी पार्लर या होटल में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर जबलपुर बुलाया जाता है।
मजबूरी और खौफ का चक्रव्यूह: एक बार जब पीड़िता शहर पहुंच जाती है, तो उसे बंधक जैसा बना दिया जाता है। जेब में पैसे न होना, अनजान शहर और जान से मारने की धमकियां — इन तीन हथियारों के दम पर महिलाओं को अवैध देह व्यापार में ढकेला जाता है।
होटल संचालकों और दलालों की साठगांठ: जबलपुर के गोरखपुर, कैंट, मदन महल और बस स्टैंड के आसपास बने कई छोटे-बड़े होटलों में दलाल आसानी से कमरे बुक कराते हैं। कई मामलों में होटल प्रबंधन की मौन सहमति या मुनाफाखोरी भी सामने आती है।
डिजिटल सप्लाई (व्हाट्सएप और सोशल मीडिया): अब यह धंधा सड़कों से निकलकर व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर शिफ्ट हो चुका है। दलाल ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजकर रेट तय करते हैं और मोटा मुनाफा कमाते हैं।
कमाई का गणित: शोषण की पराकाष्ठा
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल
हाल ही में महिला थाना पुलिस द्वारा गोरखपुर थाना क्षेत्र के होटल से संचालित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश और मुख्य आरोपी दीपक धानुक की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि पुलिस इस पर शिकंजा कस रही है। बीएनएस (BNS) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की सख्त धाराओं में मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
लेकिन बड़ा सवाल यह है
1. शहर के होटलों में बिना किसी ठोस आईडी वेरिफिकेशन के रुकने वाले ग्राहकों और दलालों पर नकेल कब कसी जाएगी?
2. क्या सिर्फ बिचौलियों (दलालों) की गिरफ्तारी काफी है, या उन होटल मालिकों पर भी कठोर कार्रवाई होगी जो इस अवैध धंधे के लिए जगह मुहैया कराते हैं?
सभ्य समाज और पुलिस प्रशासन के लिए जबलपुर में फल-फूल रहा यह अनैतिक कारोबार एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिस पर निरंतर और सख्त कार्रवाई की दरकार है।
