पुलिस बैंड भर्ती में अभ्यर्थियों के चयन को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सवालों के घेरे में आ गई है।
MP- जबलपुर। मध्यप्रदेश पुलिस बैंड में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भर्ती में कथित गड़बड़ी और चयन समिति के सदस्य इंस्पेक्टर सुनील कटारे पर लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। DIG सुनील पांडे अब पूरे मामले की जांच करेंगे।
चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
पुलिस बैंड भर्ती में अभ्यर्थियों के चयन को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायत में चयन समिति की भूमिका और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की गई है।
चयन समिति की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में चयन समिति के सदस्य इंस्पेक्टर सुनील कटारे पर लगाए गए आरोपों को जांच में शामिल किया जाएगा। जांच अधिकारी यह पता लगाएंगे कि चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुसार हुई या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश तो नहीं की गई।
अभ्यर्थियों के बयान भी लिए जा सकते हैं
जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, चयन समिति के सदस्यों और अभ्यर्थियों के बयान लिए जा सकते हैं। इसके अलावा चयन से संबंधित दस्तावेज, अंकपत्र, मेरिट, परीक्षा या परीक्षण की प्रक्रिया और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जाने की संभावना है।
आरोप सही मिले तो होगी कार्रवाई
जांच में यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता या लेनदेन के आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय कर विभागीय कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। DIG सुनील पांडे की जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि भर्ती प्रक्रिया में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई थी या नहीं और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पुलिस भर्ती जैसी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें युवाओं के भविष्य का सवाल जुड़ा होता है। ऐसे में जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी माना जा रहा है।
