समाज की शर्मनाक हद: प्रेम विवाह से नाराज़ परिवार ने जीवित बेटी का श्राद्ध कर, भाई ने मुंडन करवाया - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

समाज की शर्मनाक हद: प्रेम विवाह से नाराज़ परिवार ने जीवित बेटी का श्राद्ध कर, भाई ने मुंडन करवाया

 अलीराजपुर ।  मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी का श्राद्ध कर दिया। यहां 19 वर्षीय युवती ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर दूसरे समाज के युवक से शादी कर ली। यह विवाह परिवार की इजाजत के बिना हुआ, जिससे नाराज होकर घरवालों ने उसे ‘मृत’ घोषित करते हुए बाकायदा हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार श्राद्ध की रस्में निभाईं। दरअसल, अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ ग्राम की राजपूत समाज की 19 वर्षीय युवती ने ग्राम के ही अन्य समाज के युवक से प्रेम विवाह कर लिया। युवती के इसी कदम से नाराज होकर परिजनों ने यह कदम उठाया। समाज की मौजूदगी में किए गए श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान युवती का फोटो भी रखा गया। जिस पर उसके मृत्यु के दिनांक, जिस दिन वह घर से निकली थी 3 जुलाई दर्ज की गई। 

परीक्षा के बहाने घर से निकली 

युवती के पिता चंदन सिंह पंवार का कहना है कि वह झाबुआ में परीक्षा देने जाने का बोलकर घर से निकली थी। फिर लौटकर नहीं आई। युवती के पिता का आरोप है कि युवती के घर से जाने के शुरुआती समय में उनकी सूचना के बावजूद प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की। हालांकि युवती के बालिग होने के चलते पुलिस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दिया गया, लेकिन परिजनों ने युवती से संबंध तोड़ने के साथ समाज से बहिष्कृत करने का दावा किया गया है।

उनके लिए पल्लवी मर चुकी है

बाकायदा शोक पत्रिका छपवाकर पूरे समाज में बेटी के निधन की सूचना दी गई. शुक्रवार यानी 11 जुलाई को चंदन सिंह पवार के घर मातम सा माहौल था।  घर, परिवार और समाज के लोग एकत्रित हुए और घर के बाहर टेंट लगाया गया।  कुर्सी पर रखी पल्लवी की तस्वीर को माला पहनाई गई।  छोटे भाई का मुंडन करवाया गया और जीते जी हर वह रस्म निभाई गई जो किसी के मरने के बाद की जाती है।  जहां कभी बेटी की हंसी गूंजती थी, वहां अब उसकी याद में आंसू बह रहे थे।  रस्में निभाने के साथ ही पल्लवी के मामा और पिता ने भारी मन से ऐलान किया कि अब उनके लिए पल्लवी मर चुकी है।  और जो भी उससे संबंध रखेगा, उनसे भी उनका कोई रिश्ता नहीं रहेगा। 

क्या है पूरा मामला?

पल्लवी और सिद्धार्थ एक दूसरे को पसंद करते थे।  सिद्धार्थ के परिवार ने पल्लवी के घर अपने लड़के का रिश्ता भी भेजा, लेकिन समाज की बंदिशों के चलते पल्लवी के घरवालों ने इनकार कर दिया।  3 जुलाई को पल्लवी परीक्षा देने झाबुआ गई और फिर लौटकर नहीं आई।  घरवालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद पल्लवी का वीडियो मैसेज आया कि उसने सिद्धार्थ से शादी कर ली थी और अब अपने फैसले पर अडिग थी।  इस एक फैसले ने मां-बाप के 18-20 साल के लाड़-प्यार, सपनों और उम्मीदों को पल भर में तोड़ दिया।  जिस बेटी को आंखों का तारा समझा, उसकी याद में अब घरवालों ने अपने दिल पर पत्थर रखकर उसे जीते जी विदा कर दिया।  परिवार के लिए यह सिर्फ बेटी का जाना नहीं, बल्कि समाज में इज्जत, बाकी बेटियों के रिश्ते और अपनी पहचान का भी सवाल बन गया।