नेशनल लोक अदालत का आयोजन 09 मई को : आपराधिक शमनीय, बैंक रिकवरी, विद्युत, वैवाहिक विवाद, श्रम, और सिविल मामले, बिजली के मामलों में उपभोक्ताओं को सरचार्ज में छूट दी जाएगी। - Jai Bharat Express 24

Jai Bharat Express 24

Jaibharatexpress.com@gmail.com

Breaking

नेशनल लोक अदालत का आयोजन 09 मई को : आपराधिक शमनीय, बैंक रिकवरी, विद्युत, वैवाहिक विवाद, श्रम, और सिविल मामले, बिजली के मामलों में उपभोक्ताओं को सरचार्ज में छूट दी जाएगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित और सुलभ निराकरण कराएं।



जबलपुर में 25 खंडपीठों का गठन किया गया है। इस अदालत में आपराधिक, वैवाहिक, बिजली, चेक बाउंस, और बैंक वसूली जैसे राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण किया जाएगा।


MP - जबलपुर: जबलपुर में 09 मई 2026 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जबलपुर में 25 खंडपीठों का गठन किया गया है। इस अदालत में आपराधिक, वैवाहिक, बिजली, चेक बाउंस, और बैंक वसूली जैसे राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण किया जाएगा।


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट के तत्वावधान में 9 मई 2026 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।


लोक अदालत की तैयारियों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों एवं न्यायाधीशों की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से जिलेभर में कुल 25 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया है। इनमें जिला न्यायालय बालाघाट में 11, सिविल न्यायालय बैहर में 4, कंटगी में 1, लांजी में 1 तथा वारासिवनी में 8 खंडपीठ शामिल हैं।


लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निराकरण किया जाएगा, जिनमें आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक एवं मनी रिकवरी प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति (एमएसीटी) मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम प्रकरण, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले तथा विद्युत और जल कर से संबंधित प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) मामलों में भी बैंक रिकवरी, बिजली-पानी बिल विवाद, आपराधिक शमनीय, वैवाहिक एवं दीवानी प्रकरणों को सुनवाई हेतु रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से त्वरित समाधान हो सके।


लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायाधीशों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, अधिवक्ताओं, पैरालीगल वॉलंटियर्स एवं समाजसेवियों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित और सुलभ निराकरण कराएं।