इस पूरी व्यवस्था का दुरुपयोग न हो, इसके लिए कलेक्टर सिंह ने कड़े मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। संबंधित ऑयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स और क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारियों को सघन निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
MP- जबलपुर|जिले के किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक परियोजनाओं से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पूर्व में प्लास्टिक के डिब्बों में डीजल देने पर लगाई गई रोक को हटाते हुए नियमों में बड़ी ढील दी है। अब विशेष परिस्थितियों और आवश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए लोग पेट्रोल पंपों से प्लास्टिक के कंटेनरों में डीजल खरीद सकेंगे।
एक दिन में मिलेगा अधिकतम 200 लीटर डीजल
कलेक्टर द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब जिले के किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों या संस्थानों को एक दिन में एक बार अधिकतम 200 लीटर तक डीजल प्लास्टिक के डिब्बों में दिया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को अपनी पहचान और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) कराना अनिवार्य होगा।
पेट्रोल पंप संचालकों के लिए कड़े नियम और निर्देश
प्रशासन ने इस छूट के साथ ही ब्लैक मार्केटिंग और लापरवाही को रोकने के लिए पेट्रोल पंप मालिकों पर सख्त जिम्मेदारी तय की है।
रजिस्टर में दर्ज होगी जानकारी: पंप संचालकों को डीजल खरीदने वाले हर व्यक्ति और संस्थान का पूरा विवरण एक तय फॉर्मेट में दर्ज करना होगा।
पक्की रसीद अनिवार्य
डीजल की बिक्री पर हर ग्राहक को अनिवार्य रूप से रसीद (Bill) देनी होगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीजल बिक्री के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उसकी सत्यता की पूरी जिम्मेदारी पंप संचालक की होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की टीम करेगी औचक निरीक्षण
इस पूरी व्यवस्था का दुरुपयोग न हो, इसके लिए कलेक्टर सिंह ने कड़े मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। संबंधित ऑयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स और क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारियों (Supply Officers) को सघन निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम लगातार पेट्रोल पंपों की जांच करेगी और नियमों की अनदेखी करने वाले पंप संचालकों के खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।
✍️ नोट: प्रशासन का यह फैसला खेती-किसानी के सीजन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे आम जनता को भटकना नहीं पड़ेगा।
