केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) का 'अभिज्ञान' (ABHIGYAN) मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, यह ऐप पुलिस को ऑन-फील्ड (मौके पर ही) संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करने के लिए NAFIS डेटाबेस से सीधे जोड़ता है।
35 सेकेंड में पहचान: पुलिसकर्मी अब पोर्टेबल स्कैनर या सीधे अपने स्मार्टफोन के जरिए किसी भी संदिग्ध का फिंगरप्रिंट लेकर महज 35 सेकेंड में उसकी पहचान कर सकते है।
NAFIS से जुड़ावः यह ऐप नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) का मोबाइल वर्जन है, जिसमें 1.3 करोड़ से ज्यादा अपराधियों/संदिग्धों के फिंगरप्रिंट का सेंट्रलाइज्ड रिकॉर्ड मौजूद है।
सुरक्षित पहुंचः सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस ऐप में टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन (two-step authentication) की सुविधा दी गई है।
NCRB का 'ABHIGYAN' ऐप लॉन्च, अब स्मार्टफोन से होगी अपराधियों की पहचान देखिए Video 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने पुलिसिंग को और अधिक तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'ABHIGYAN' मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। यह देश के विशाल फिंगरप्रिंट डेटाबेस NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) का पोर्टेबल संस्करण है, जो पुलिस कर्मियों को सीधे उनके स्मार्टफोन पर अपराधियों के रिकॉर्ड तक पहुंच प्रदान करेगा।
NCRB के अनुसार, NAFIS में देशभर के 1.3 करोड़ से अधिक फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। 'ABHIGYAN' ऐप की मदद से पुलिसकर्मी मौके पर ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के फिंगरप्रिंट का मिलान कर उसकी पहचान कुछ ही सेकंड में कर सकेंगे।
ऐप को टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब फिंगरप्रिंट पहचान के लिए पुलिस को केवल थानों या विशेष उपकरणों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि यह सुविधा सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगी।
'ABHIGYAN' ऐप की प्रमुख विशेषताएं:
- 1.3 करोड़ से अधिक फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड तक पहुंच
- रियल-टाइम फिंगरप्रिंट पहचान
- स्मार्टफोन आधारित पोर्टेबल प्लेटफॉर्म
- टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित
- फास्ट आईडी वेरिफिकेशन सिस्टम
- ऑन-फील्ड पुलिसिंग को मजबूत बनाने में सहायक
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐप अपराधियों की पहचान, फरार आरोपियों की तलाश और जांच प्रक्रिया को तेज एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डिजिटल पुलिसिंग और स्मार्ट कानून व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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