टाटा-मिस्त्री विवादः साइरस मिस्त्री को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया टाटा के पक्ष में फ़ैसला - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

टाटा-मिस्त्री विवादः साइरस मिस्त्री को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया टाटा के पक्ष में फ़ैसला

 


सुप्रीम कोर्ट ने टाटा को बड़ी राहत देते हुए एनसीएलएटी (NCLAT) के फैसले के खिलाफ टाटा की अपील स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने टाटा संस के अध्यक्ष पद पर सायरस मिस्त्री की बहाली के आदेश को गलत करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एनसीएलएटी के 18 दिसम्बर 2019 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें सायरस मिस्त्री को ‘टाटा समूह’ का दोबारा कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने टाटा समूह की अपील को स्वीकार किया।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के 18 दिसंबर 2019 के आदेश को रद्द किया जाता है।’’

टाटा संस प्राइवेट लिमिटे़ड और साइरस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले के खिलाफ क्रॉस अपील दायर की थी, जिसपर शीर्ष न्यायालय का फैसला आया है।

आदेश में आगे कहा गया, ‘‘टाटा समूह की अपील को स्वीकार किया जाता है, और एसपी समूह की अपील खारिज की जाती है।’’

एनसीएलएटी ने अपने आदेश में 100 अरब डॉलर के टाटा समूह में साइरस मिस्त्री मिस्त्री को कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल कर दिया था।

शापूरजी पालोनजी (एसपी) समूह ने 17 दिसंबर को न्यायालय से कहा था कि अक्टूबर, 2016 को हुई बोर्ड की बैठक में मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाना ‘खूनी खेल’ और ‘घात’ लगाकर किया गया हमला था। यह कंपनी संचालन के सिद्धान्तों के खिलाफ था।

वहीं टाटा समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि इसमें कुछ भी गलत नहीं था और बोर्ड ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए मिस्त्री को पद से हटाया था।